. सर्दी जुखाम का आयुर्वेदिक उपचार | Asttrolok
09174822333
astrolok.vedic@gmail.com
$
USD ($)
India Rupee
$
United States Dollar
0

सर्दी जुखाम का आयुर्वेदिक उपचार

Created by Asttrolok in Ayurveda 30 Aug 2023
Share
Views: 681
सर्दी जुखाम का आयुर्वेदिक उपचार
जब भी मौसम बदलता है तब सबसे ज्यादा कोई परेशानी हमारे आगे आती है वो है सर्दी जुखाम। कई लोग तो कुछ भी ठंडा खा लेते हैं तो उन्हें जुखाम हो जाता है और कई बार नमी वाले वातावरण में कुछ देर रहने से जुखाम लग जाता है। वैसे तो जैसे ही जुखाम शुरू होता है व्यक्ति तुरंत ही एलोपेथिक दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं। ये आराम देता है लेकिन एलोपेथिक दवाइयां कफ को सुखा देती हैं और जब भी कोई हल्का सा इन्फेक्शन व्यक्ति के आस पास होता है वो तुरंत ही फिर से जुखाम की गिरफ्त में आ जाता है। इसी कारण हमे एलोपथिक के साथ साथ कुछ आयुर्वेदिक घरेलु उपाय भी करने चाहिए ताकि हमारे अन्दर से कफ बाहर निकल जाए। आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ बेहतरीन आयुर्वेदिक घरेलु उपचार बताने वाले हैं जिसको अपनाकर आप जुखाम से राहत पा सकते हैं।

क्या आप ऑनलाइन सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी की तलाश कर रहे हैं? हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषी द्वारा ज्योतिष परामर्श के लिए अभी संपर्क करें।

जुकाम का आयुर्वेदिक घरेलू उपचार


  •  हल्दी वाला दूध

ये उपाय सालो से हमारे पूर्वज अपनाते आ रहे हैं। इस उपाय के लिए आप एक गिलास गर्म दूध ले और उसमें 2 चम्मच हल्दी मिला ले और मिक्स करे। अब इसे पी जाए। दूध बहुत गर्म है तो चाय जैसे सिप सिप करके पी लें। इस उपाय से नाक से पानी आने वाली परेशानी ठीक हो जाती है।

  •  तुलसी

तुलसी एक पूजनीय पौधा है जिसको भगवान् का अमृत बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके अनेको औषधिय गुण हैं। जुखाम होने पर यदि व्यक्ति तुलसी की 5 से 7 पत्तियों को धोकर पानी में उबाल ले और काढ़ा बनाकर पी ले तो व्यक्ति तो तुरंत ही आराम महसूस होगा। यदि नाक बंद है तो तुसली की मंजिरियो को रुमाल में डालकर बंद करके सूंघने पर नाक खुल जाती है। यदि छोटे बच्चो को जुखाम हो गया है तो उन्हें शहद में 6 से 7 बूंदे तुलसी और अदरक के रस की मिलाकर चटा दें। आराम आएगा।

  • मेथी और अलसी

एक गिलास पानी ले और उसे उबाल ले। अब इसमें 3 से4 ग्राम अलसी और मेथी डाले। अच्छे से उबाल ले और ठंडा कर लें। अब नाक में इसकी दो से तीन बुँदे डाले। आराम आएगा।

  • हल्दी और अजवायन

एक कप पाने में 10 ग्राम आजवाइन और 10 ग्राम हल्दी डाले और पका ले। जब पानी उबल उबल कर आधा रह जाए तो इसमें गुड मिलाएं। अब इसे सिप सिप करके पी लें,आराम आएगा।

  • काली मिर्च

यदि व्यक्ति शहद में थोड़ी सी काली मिर्च पाउडर मिलाकर चाटे तो उसे जुखाम में बहुत राहत मिलेगी और उसकी नाक से पानी बहने की परेशानी भी दूर हो जाएगी। आप काली मिर्च पाउडर में एक चम्मच मिश्री मिलाकर गर्म दूध के साथ लेंगे तो भी जुखाम में आराम आएगा। इस उपाय को आप दिन में दो बार करे।

यह भी पढ़ें:- मूलांक 3 वाले कैसे होते हैं?

  • सरसों का तेल

आयुर्वेद अनुसार यदि व्यक्ति नाक में सोते समय 2-2 बूंदे डालकर सो जाए तो उसे कभी भी नाक से जुडी कोई भी समस्या नही होती है।

  • अदरक

अदरक को जुखाम को ठीक करने के लिए कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। आप इसे दूध में अच्छे उबालकर पी सकते हैं या शहद और अदरक के रस को मिलाकर चाट सकते हैं। दोनों ही तरीको से आराम आएगा। आप अदरक का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। इसके लिए एक गिलास पानी में 2 अदरक के टुकड़े, 4 लौंग, 2 काली मिर्च और 5 तुलसी के पत्ते डाले और उबाल ले। जब पानी आधा हो जाए तो इसमें 1 चम्मच शहद मिलाए और सिप सिप करके पी लें।अदरक को देसी घी में भून लें और पीस लें। अब इसे दिन में 3-4 बार खा ले,आराम आएगा।

  • लहसुन

लहसुन भी जुखाम में फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण जुखाम के संक्रमण को ख़त्म कर देते हैं। लहसुन को आप घी में भूनकर खा ले।

  • गाय का घी

गाय के घी को गरम करे और पिघला लें। अब ठंडा करके इसकी 2 बूँद नाम के डाले। इस उपाय को करने से महीनो पुराने जुखाम से भी छुटकारा मिल जाता है।

  • मुनक्का

एक गिलास पानी में 7 से 8 मुनक्का डाले और उबाल ले। अब जब पानी उबल उबल कर आधा हो जाए इसे आंच से उतार लें और अब इसमें से मुनक्का निकालकर सिप सिप करके पानी पी लें।

जुकाम होने पर इन बातो पर ध्यान दें-


  • जब भी गर्म वातावरण से आप ठन्डे वातावरण में आते हैं, तुरंत नहाने न जाएं।

  • एसी का इस्तेमाल न करे।

  • खाना खाने से पहले हाथ जरुर धो ले।

  • जब भी बाहर जाए मास्क लगाकर जाए ताकि धूल मिटटी और प्रदूषण से आपका जुखाम ज्यादा न हो जाए।

  • रोज कुछ देर कपालभाति और भस्त्रिका योग करे।

  • बादी और ठंडी चीजे न खाए।

  • चावल और दही का सेवन कम कर दें।

  • आइसक्रीम और कोल्ड्रिक न पिए और न ही उससे बनी कोई चीज खाएं।

  • ताजा पका हुआ भोजन खाएं।

  • ऑयली और जंक फ़ूड न खाए।

आयुर्वेद अनुसार व्यक्ति को होने वाला हर रोग दोषों में होने वाले असंतुलन के कारण होता है।जब व्यक्ति के ऊपरी श्वसन तंत्र में कफ और वात दोष में असंतुलन हो जाता है तब जुखाम होता है। इसका उपाय समय रहते कर लेना चाहिए। यदि बहुत लम्बे समय तक ठीक नही हुआ है और व्यक्ति की सूंघने की शक्ति कम हो रही हो और सिरदर्द रहता हो तो हो सकता है कि व्यक्ति को साइनुसाइटिस हो गया हो।

यदि आपको साइनुसाइटिस की परेशानी है और आप आयुर्वेदिक डॉक्टर से इलाज करवाना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करे।

सर्वश्रेष्ठ वैदिक विज्ञान संस्थान (एस्ट्रोलोक) से ज्योतिष ऑनलाइन सीखें जहाँ आप विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी श्री आलोक खंडेलवाल से ज्योतिष सीख सकते हैं। इसके अलावा वास्तु पाठ्यक्रम, अंकशास्त्र पाठ्यक्रम, हस्तरेखा पढ़ना, आयुर्वेदिक ज्योतिष, और बहुत कुछ प्राप्त करें। निःशुल्क ऑनलाइन ज्योतिष पाठ्यक्रम उपलब्ध है।

यह भी पढ़ें:- मूलांक 4 वाले कैसे होते हैं?

Comments (0)

Asttrolok

Asttrolok

Admin

Consultants

Ritu tuli

Ritu tuli

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year
ROHIT GUPTA

ROHIT GUPTA

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year
Rajendra Mahapatra

Rajendra Mahapatra

Astrology Hindi, English Exp: 7+ Year
Dr. Milan Solanki

Dr. Milan Solanki

Astrology, Ayurveda Expert Hindi, English Exp: 5+ Year
Anil Khandekar

Anil Khandekar

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year
Kalyani manna

Kalyani manna

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year
Akshara Diwakar Kulkarni

Akshara Diwakar Kulkarni

Astrology Hindi, English Exp: 4+ Year
Baneshwar Pai

Baneshwar Pai

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year

Share

Share this post with others

GDPR

When you visit any of our websites, it may store or retrieve information on your browser, mostly in the form of cookies. This information might be about you, your preferences or your device and is mostly used to make the site work as you expect it to. The information does not usually directly identify you, but it can give you a more personalized web experience. Because we respect your right to privacy, you can choose not to allow some types of cookies. Click on the different category headings to find out more and manage your preferences. Please note, that blocking some types of cookies may impact your experience of the site and the services we are able to offer.